हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत सवाब अल आमाल किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
رسول خدا صلی الله علیه و آله و سلم:
«مَنْ مَشی فی عَونِ أخیهِ وَ مَنْفَعَتِهِ فَلَهُ ثوابُ الْمجاهدینَ فی سَبیلِ الله
पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने फ़रमाया:
"जो कोई अपने मोमिन भाई की मदद और लाभ पहुँचाने के लिए कदम उठाता है, उसे अल्लाह के रास्ते में जिहाद करने वालों मुजाहिदीन का सवाब दिया जाएगा।"
सवाब अल आमाल, पेज ३४०
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